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सोमवार, 5 सितंबर 2011

टेस्ट चर्चा मंच के नये चर्चाकार-नीलकमल वैष्णव "अनिश" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")


टेस्ट चर्चा मंच के नये चर्चाकार हैं!
 Mitra-Madhur (64).jpg 
इनका संक्षिप्त परिचय निम्नवत है!
शिक्षा- स्नातक (सारंगढ़ डिग्री कॉलेज)

कृतित्व- विगत एक दशक से ग्रामीण अंचल में सक्रिय पत्रकारिता और साहित्य
सृजन विभिन्न पत्र -पत्रिकाओं पुष्पगंधा प्रकाशन कवर्धा, खगौल पटना से
संचालित "दोस्तों की दुनियाँ", शारदा साहित्य संस्था जोगीवाला, आकृति
प्रकाशन पीलीभीत, नारी अस्मिता बड़ोदरा जैसे पत्रिकाओं में कविताओं का
प्रकाशन

सम्मान-  पुष्पगंधा प्रकाशन कवर्धा से २००५ में "काव्य-सुमन",खगौल पटना
से संचालित "दोस्तों की दुनियाँ" से श्रेष्ठ काव्य संवाददाता, शारदा
साहित्य संस्था जोगीवाला से २००५ में "काव्य-गीतांजलि", आकृति प्रकाशन
पीलीभीत से २००६ में "काव्य-कलश"

सम्प्रति- उपाध्यक्ष छत्तीसगढ़ लेखक संघ  (लेखक संघ कोसीर),
उपसंस्थापक "मित्र-मधुर"2004 जहां विभिन्न जगहों अलग अलग राज्यों की दोस्तों की
अमूल्य मंडली,एवं खगौल पटना से संचालित "दोस्तों की दुनियाँ" में कवि-

संवाददाता,  
अभी कुछ चर्चाएँ ये यहीं पर लगाएँगे!
स्वागत और अभिनन्दन करता हूँ! 
हिन्दी के महीने सितम्बर में 
प्रस्तुत है इनकी यह रचना!
हिंदी महिमा.....
हिंदी हिन्दुस्तानी, हिंद की ये भाषा
इस हिंदी में छिपी हुई है, उन्नति की परिभाषा
भारत माता की उर माला का, मध्य पुष्प है हिंदी
माता के मस्तक पर, जैसे शोभित हो बिंदी
यह भरती गागर में सागर, लिखता जग देख ठगा सा
!! हिंदी ....................................... परिभाषा !!
इस हिंदी में महाकाव्य रच तुलसी हुए महान
अर्थ गंभीर ललित श्रृंगारिक, सब करते गुणगान
नीराजन यह भूमि भारत का, जन-जन की है यह आशा
!! हिंदी ....................................... परिभाषा !!
अपनी संस्कृति अपनी मर्यादा, अपनी भाषा का ज्ञान
यही एक पाथेय हमारा, रहे सदा यह ध्यान
बिन इसके यदि बढ़ा कदम, हम बनेंगे जग में तमाशा
!! हिंदी ....................................... परिभाषा !!
अपनी भाषा की समर्थता से, हम सामर्थ्य बढ़ाये
प्रगति वास्तविक है तब ही, जब सब हिंदी अपनाएं
भारत का उत्थान है हिंदी, अमृत निर्झर झरता सा
!! हिंदी ....................................... परिभाषा !!
अपने घर में अपनी भाषा हिंदी अपमानित न होवें
वह है अभागा अमृत पाकर कालजयी जो ना होवें
हिंदी सेवा में जुटकर साथी, अब झटके दूर हताशा
!! हिंदी ....................................... परिभाषा !!
हिंदी पर गर्व करेंगे जब हम, देश महान बनेगा
दिग दिगंत में व्यापित हिंदी नवल वितान बनेगा
भारत का मान बढेगा ऐसा, होगा अम्बर झुका-झुका सा
!! हिंदी ....................................... परिभाषा !!

1 टिप्पणी:

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मान्यवर,

यह टैस्ट चर्चा मंच उन नये व्यक्तियों के लिए है, जो चर्चा मंच से जुड़कर चर्चा करने के इच्छुक हैं। आप अपने चर्चा करने के ढंग को अपनी चर्चा करके यहाँ दिखाइए। मैं आपकी इस कार्य में पूरी सहायता करूँगा। उसके बाद यदि आप चर्चा करने में सक्षम होंगे तो आपको चर्चा मंच के चर्चाकार के रूप में जोड़ लिया जाएगा!

सादर-साभार

डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक

खटीमा (उत्तराखण्ड) 262308

सम्पर्कः 09368499921, 09997996437

आप मेरे निम्न ई-मेल पर भी सम्पर्क कर सकते हैं!

roopchandrashastri@gmail.com