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मंगलवार, 21 सितंबर 2010

"संकर नस्लों को अब कैसे, गीता पाठ पढ़ाऊँ मैं?" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")

1 टिप्पणी:

  1. बहुत अच्छा लगा कि कोई नया ब्लागर जिसकी मातृभाषा बांगला है और वो तमिल क्षेत्र में रह कर हिंदी की सेवा बड़े मनोयोग से कर रहा है ||
    बधाई आपको ||
    अभ्यास करते रहें सुधार होता रहेगा ||
    अच्छी टेस्ट चर्चा ||

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सादर-साभार

डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक

खटीमा (उत्तराखण्ड) 262308

सम्पर्कः 09368499921, 09997996437

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roopchandrashastri@gmail.com